गुवाहाटी, 19 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), गुवाहाटी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तत्वावधान में ग्वालपाड़ा जिले के वेस्ट ग्वालपाड़ा कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय एकीकृत संचार एवं जनसंपर्क कार्यक्रम (आईसीओपी) बुधवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय जनगणना 2027 और नशा मुक्त भारत अभियान रहा।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में 18 अगस्त को उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के अपर महानिदेशक कृपा शंकर यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जनगणना 2027 को लेकर व्यापक जनजागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
वरिष्ठ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (मनोचिकित्सा) डॉ. रफीकुल इस्लाम ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के दुष्प्रभावों तथा व्यक्ति, परिवार और समाज पर इसके प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने नशे की समस्या से निपटने में जागरूकता, रोकथाम और समय पर हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित किया।
जिला समाज कल्याण विभाग, जनगणना विभाग, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय (सीडीपीओ) के अधिकारियों ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में भाग लिया। उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद कर जनगणना 2027, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, नशा रोकथाम, सार्वजनिक स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विषयों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के तहत जनगणना 2027 और नशा मुक्त भारत अभियान पर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें सूचनात्मक सामग्री, पोस्टर और दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। ग्वालपाड़ा जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने चिकित्सा परामर्श और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। बीआईएस ने मानकों, गुणवत्ता और उपभोक्ता संबंधी विषयों पर जागरूकता के लिए एक स्टॉल भी लगाया।
जनजागरूकता गतिविधियों के तहत पंजीकृत सांस्कृतिक दल ने जनगणना 2027 और नशा मुक्त भारत अभियान के विषयों पर आधारित संगीत, नाटक और पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक संदेशों को मनोरंजक एवं प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया गया।
दो दिवसीय आईसीओपी का उद्देश्य महत्वपूर्ण सरकारी पहलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना, जनभागीदारी को बढ़ावा देना तथा जनगणना 2027, नशा रोकथाम और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर जागरूकता को मजबूत करना था।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश




