कोलकाता, 11 अगस्त (हि. स.)। पूरे दिन तेज धूप और उमस भरी गर्मी झेलने के बाद सोमवार शाम जब सूरज ढला, तब तक शहरवासियों को अंदाजा नहीं था कि करीब एक साल पुरानी बारिश की भयावह याद फिर लौटने वाली है। 23 सितंबर 2025 को कोलकाता में हुई मूसलाधार बारिश को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। उस दिन 24 घंटे के भीतर शहर में 251.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इसमें रात ढाई बजे से सुबह पांच बजे के बीच ही 185 मिमी बारिश हुई थी। एक घंटे में 100 मिमी बारिश के साथ उस दिन कोलकाता ने संभवतः पहली बार बादल फटने जैसी स्थिति का अनुभव किया था। मौसम विज्ञान में किसी स्थान पर एक घंटे के भीतर कम से कम 100 मिमी बारिश होने को ‘क्लाउडबर्स्ट’ यानी ‘बादल फटना’ कहा जाता है। 23 सितंबर 2025 के बाद सोमवार शाम को एक बार फिर शहर में ऐसी ही स्थिति देखने को मिली।
सोमवार को पूरे दिन उमस भरी गर्मी के बाद शाम होते ही कोलकाता और आसपास के इलाकों में बेहद तेजी से क्यूम्युलोनिम्बस बादलों का निर्माण शुरू हो गया। इन बादलों की मोटी परत कोलकाता के साथ हावड़ा, उत्तर 24 परगना और हुगली के कुछ हिस्सों के आसमान पर तेजी से फैलने लगी। शाम करीब साढ़े छह बजे बारिश शुरू हुई और देखते-देखते इसका प्रकोप काफी बढ़ गया।
खासकर कोलकाता के मध्य और उत्तरी हिस्सों में बादलों की ऊंचाई और घनत्व अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहा। इसका सीधा असर बारिश की तीव्रता पर पड़ा। बेलगछिया में महज एक घंटे के भीतर 130 मिमी बारिश दर्ज की गई। ठनठनिया कालीबाड़ी इलाके में भी एक घंटे में 100 मिमी बारिश हुई। उल्टाडांगा और दत्ताबागान में बारिश का आंकड़ा करीब 100 मिमी रहा। वीरपाड़ा में एक घंटे में 90 मिमी और मानिकतला में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मुरारिपुकुर, उल्टाडांगा, श्यामबाजार, अहिरीटोला, टाला, बेलगछिया और देशबंधु पार्क समेत कई इलाकों में देखते ही देखते सड़कें पानी में डूब गईं। रात के अंधेरे में हुई तेज बारिश ने कार्यालय से लौट रहे लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
गौरतलब है कि दो अगस्त से सात अगस्त तक लगातार पांच दिनों तक बारिश होने के बाद शनिवार और रविवार को कोलकाता में बारिश नहीं हुई थी। दक्षिण बंगाल के अधिकांश हिस्सों में भी इन दो दिनों के दौरान बारिश काफी कम रही। इसके चलते शुरुआती तौर पर माना जा रहा था कि बारिश का दौर फिलहाल थम गया है और मौसम ‘तेज बारिश’ के दौर से निकलकर कुछ समय के लिए विराम की स्थिति में पहुंच गया है। हालांकि, सोमवार शाम हुई बारिश ने इन अनुमानों को बदल दिया।
अलीपुर मौसम कार्यालय की ओर से मंगलवार सुबह जारी ताजा पूर्वानुमान में भी संकेत मिला कि पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर बादल नहीं थे। मुख्य रूप से कोलकाता के साथ हावड़ा, हुगली और उत्तर 24 परगना के कुछ हिस्सों के ऊपर ही बादलों की सघन परत बनी हुई थी। इससे स्पष्ट हुआ कि सोमवार शाम राज्य के अधिकांश हिस्सों में ऐसी व्यापक बारिश नहीं हुई।




