हुगली, 19 अगस्त (हि. स.)। जिले में भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान और लंबित मामलों की समीक्षा को लेकर बुधवार को प्रशासनिक स्तर पर विशेष बैठक आयोजित की गई। विभिन्न विधायकों के साथ जिला समीक्षा बैठक के बाद राज्य के भूमि एवं राजस्व विभाग के मंत्री दीपंकर जाना चुंचुड़ा स्थित विधायक कार्यालय पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने नई सरकार के 100 दिन पूरे होने और हुगली जिले में भूमि संबंधी मामलों को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी।
मंत्री ने कहा कि नई सरकार के कामकाज से आम लोग काफी हद तक परिचित हैं। जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में पट्टेदार और बर्गादारों की जमीन, म्यूटेशन, कन्वर्जन समेत भूमि एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई।
दीपंकर जाना ने कहा कि सरकार उद्योगों के विस्तार पर भी विशेष जोर दे रही है। बेरोजगारी की समस्या दूर करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए उद्योग जरूरी हैं और उद्योग स्थापित करने के लिए उपयुक्त जमीन की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से जिले में सरकारी जमीन, वेस्टेड लैंड तथा आवश्यकता पड़ने पर सरकार द्वारा अधिगृहित की जा सकने वाली जमीन की पहचान को लेकर बैठक में चर्चा की गई।
मंत्री ने बताया कि जिले के विभिन्न इलाकों में जलाशयों और जलभूमि को भरने के साथ-साथ भूमि संबंधी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासनिक निगरानी और मजबूत की जाएगी।
उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारियों और सीमित पूंजी वाले उद्यमियों की भूमि संबंधी जरूरतों पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए कम मात्रा में जमीन की आवश्यकता रखने वाले लोगों के आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा।
दीपंकर जाना ने यह भी बताया कि हुगली के सिंगूर और डनलप कारखाने से जुड़ी जमीन को लेकर सरकार ने जांच शुरू की है। इन जमीनों को लेकर विभिन्न शिकायतें सामने आई हैं। जांच पूरी होने के बाद संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री ने स्वीकार किया कि हुगली जिले में भूमि से जुड़ी कई समस्याएं मौजूद हैं और प्रशासन भी इन चुनौतियों से अवगत है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। खास तौर पर पट्टेदारों और बर्गादारों की जमीन किसी तरह की परेशानी या अनियमितता की चपेट में न आए, इस पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है।
कुल मिलाकर, बैठक के जरिए सरकार ने हुगली में भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान, कथित अनियमितताओं पर निगरानी, उद्योगों के लिए उपयुक्त जमीन की पहचान तथा छोटे कारोबारियों और सीमित भूमि की जरूरत वाले उद्यमियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय





