कोलकाता । कोलकाता नगर निगम के वार्डों की संख्या बढ़ाने से संबंधित कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2026 बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सदन में विधेयक पेश किया। विधेयक पर चर्चा के बाद इसे ध्वनिमत से मंजूरी दी गई।
विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने विधेयक पर मतदान की प्रक्रिया कराई। विधेयक में कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 की धारा-5 में संशोधन का प्रस्ताव है। इसके तहत निगम में निर्वाचित पार्षदों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 करने का प्रावधान किया गया है।
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से भी सदस्यों ने अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल विधेयक के जरिए केवल वार्डों की संख्या बढ़ाई जा रही है। वार्डों की सीमाओं और मतदाताओं की संख्या का अंतिम निर्धारण बाद की प्रक्रिया में होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चुनाव आयोग वार्डों की सीमाओं और मतदाताओं से जुड़े विषयों को लेकर दो सर्वदलीय बैठकें करेगा। इन बैठकों में राजनीतिक दलों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया पूरी कर अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
विधेयक के उद्देश्यों और कारणों में कहा गया है कि कोलकाता नगर निगम के वार्डों की संख्या में संशोधन वार्डवार आबादी, आवासीय स्वरूप, भौगोलिक परिस्थितियों और निगम से जुड़े आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। विधेयक के लागू होने की तारीख राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना के जरिए तय करेगी।
विधेयक पर हुई चर्चा में तृणमूल कांग्रेस के शोभनदेव चटर्जी, भाजपा के रितेश तिवारी, मंत्री अरूप कुमार दास, भाजपा के शंकर सिकदर, तृणमूल कांग्रेस के जावेद अहमद खान, भाजपा की सरबरी मुखर्जी, भाजपा के सजल घोष, तृणमूल कांग्रेस के फिरहाद हकीम और मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने हिस्सा लिया। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भी चर्चा में भाग लेते हुए परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।




