महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महिला आरक्षण और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम पर तीखा हमला बोला है। फडणवीस ने चिदंबरम पर ‘चुनिंदा याददाश्त’ रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण को 2029 तक लागू करने का रास्ता खुद रोका है।
फडणवीस ने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 106वां संविधान संशोधन अधिनियम-2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) में स्पष्ट प्रावधान है कि महिलाओं के लिए सीट आरक्षण परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होगा। यह परिसीमन अधिनियम लागू होने के बाद होने वाली पहली जनगणना के आधार पर किया जाना है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण जनगणना में देरी हुई। ऐसे में जनगणना और उसके बाद परिसीमन का इंतजार करने पर महिला आरक्षण को 2029 के आम चुनाव से पहले लागू करना संभव नहीं होगा। फडणवीस ने दावा किया कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण को 2029 तक लागू करने का रास्ता खुद रोका। इसी वजह से केंद्र सरकार ने 2026 में ऐसे विधेयक लाए, जिनका उद्देश्य 2011 की पहले से प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन का रास्ता खोलना, लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाना और 2029 के चुनाव से पहले महिला आरक्षण को लागू करना था।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने इन प्रस्तावों का विरोध किया और संसद में इन्हें पारित नहीं होने दिया, जिससे 2029 तक महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता बाधित हुआ।
फडणवीस ने तंज कसा कि कांग्रेस ने 2023 में 106वें संविधान संशोधन का समर्थन इसलिए किया क्योंकि उसे पता था कि राजग के पास इसे पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या है इसलिए “तो कांग्रेस में बहती गंगा में हाथ धो लिया।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि जब महिला आरक्षण को जल्द लागू करने का वास्तविक अवसर आया, तब कांग्रेस का “असली रंग” सामने आ गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 2029 के लोकसभा चुनाव में ही महिलाओं को संसद में आरक्षण देने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “फिर कहता हूँ इधर-उधर की बात ना करो, यह बताओ हमारी माताओं-बहनों का हक क्यों छीना?”




