न्यूयॉर्क (अमेरिका), 26 अगस्त । राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मंगलवार को अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में यहां पहुंचे। न्यूयॉर्क के जॉन एफ. कैनेडी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय ने डॉ. भागवत का स्वागत किया। संघ प्रमुख की यह यात्रा आरएसएस के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है।
संघ प्रमुख भागवत के कार्यक्रम की मेजबानी अहेड फोरम (अमेरिकन हिंदूज फार एंगेजमेंट एंड डायलाग फोरम) कर रहा है। अहेड फोरम ने एक्स पर कहा, इस कार्यक्रम का संदेश शाश्वत और सार्वभौमिक है कि दुनिया एक परिवार है। यह हमें बनावटी विभाजनों और मतभेदों से ऊपर उठने, मानवता को जोड़ने वाले बंधनों को पहचानने और आपसी सम्मान, सद्भाव व एकता की भावना को अपनाने का आह्वान करता है।
अमेरिका के प्रमुख शहर न्यूयॉर्क में प्रवास के दौरान सरसंघचालक 'यूनिवर्सल वननेस' (सार्वभौमिक एकता) कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और शनिवार को मशहूर मैडिसन स्क्वायर गार्डन में लगभग 5000 लोगों की सभा को संबोधित करेंगे। संघ प्रमुख डॉ. भागवत संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम के तहत अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की यात्रा कर रहे हैं। अमेरिका उनके प्रवास का प्रथम पड़ाव है।
डॉ. मोहन भागवत इससे पहले सितंबर 2018 में अमेरिका आए थे। उन्होंने तब शिकागो में 7 से 9 सितंबर तक आयोजित दूसरे वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में 60 देशों से करीब 2,500 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। भागवत ने कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया था।
इस बीच, न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार को कहा कि वह मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि शहर के पास किसी निजी कार्यक्रम को रद करने का अधिकार है या नहीं।




