नई दिल्ली, 25 अगस्त । ऑटो रिफिनिश मार्केट के लिए ऑटोमोटिव ऑरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर सुमैक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड का 53.40 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 28 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 31 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि एक सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर दो सितंबर को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद जबरदस्त रिस्पॉन्स मिलने के कारण पहले घंटे में ही ये आईपीओ फुली सब्सक्राइब हो गया था। दोपहर 2:45 बजे तक इस आईपीओ को 2.10 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 95 रुपये से लेकर 101 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,42,400 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 52,87,200 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 44 करोड़ रुपये के लगभग 42,91,200 नए शेयर बेचे जा रहे हैं, जबकि लगभग 10 करोड़ रुपये के 9,96,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49.90 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35.04 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15.06 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्से में ही मार्केट मेकर के लिए रिजर्व 5.04 प्रतिशत हिस्सा शामिल रखा गया है। इस इश्यू के लिए जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। गिरिराज स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड और मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मार्केट मेकर हैं।
सुमैक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 7.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 9.98 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 12.76 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 131.54 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 147.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 148.34 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 6.43 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 13.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 38.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 48.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 61.60 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 36.77 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 46.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली बढ़त के साथ 46.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 11.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 15.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 19.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।




