नई दिल्ली, 25 अगस्त (हि.स.)। द केरल स्टोरी, कमांडो, फोर्स जैसी फिल्में प्रोड्यूस कर चुकी प्रोडक्शन कंपनी सनशाइन पिक्चर्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 360 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 9.44 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 394 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 9.97 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 395.90 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इसके भाव में गिरावट का रुख बन गया। लगातार हो रही बिकवाली के कारण ये शेयर लुढ़क कर 368.10 रुपये के स्तर तक आ गए। हालांकि बाद में खरीदारों ने लिवाली कर इसको कुछ सहारा भी दिया। दोपहर 12:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 373.20 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 13.20 रुपये यानी 3.67 प्रतिशत का फायदा हो चुका है।
इस कंपनी का 282.14 करोड़ रुपये का आईपीओ 18 से 20 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 105.81 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 123.52 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 197.04 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 56.60 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 73,37,191 शेयर जारी किए जा गए हैं। इनमें लगभग 173 करोड़ रुपये के 48,00,034 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 109 करोड़ रुपये के 30,37,157 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
सनशाइन पिक्चर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 53.35 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 34.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ मामूली उछाल के साथ 40.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार गिरावट आई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 139.46 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 105.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 76.27 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार कम होता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 16.67 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 11.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ और कम होकर 9.09 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 70.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 78.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 118.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 70.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 105.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 145.13 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 73.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 50.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए मामूली बढ़ोतरी के साथ 58.55 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक




