नई दिल्ली, 15 जून । अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए बनी सहमति के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत मार्च के बाद के अभी तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। पश्चिम एशिया में तनाव खत्म होने की संभावना की वजह से कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले डेढ़ महीने के दौरान 37 डॉलर प्रति बैरल तक गिर चुकी है। इस गिरावट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में 120 डॉलर प्रति बैरल तक की छलांग लगाने वाला ब्रेंट क्रूड आज 82.70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते ऑयल टैंकर्स और मालवाहक जहाजों की आवा-जाही फिर से शुरू करने और ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक शुरुआती समझौते पर काफी हद तक सहमति बन गई है। जल्दी ही दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता हो सकता है। ट्रंप की इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की तरह ही वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की कीमत मार्च के बाद पहली बार गिर कर 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से भी नीचे गिर गई।
आज के कारोबार की बात करें तो ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत 4.20 डॉलर प्रति बैरल यानी पांच प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.07 डॉलर के स्तर पर आ गई। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड फ्यूचर्स 4.7 डॉलर प्रति बैरल यानी 5.6 प्रतिशत लुढ़क कर 80.12 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।
फिजिकल मार्केट में ब्रेंट क्रूड आज 3.52 डॉलर प्रति बैरल टूट कर 83.81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होने के कुछ देर बाद ब्रेंट क्रूड फिसल कर मार्च महीने के बाद के सबसे निचले स्तर 82.70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। भारतीय समय के मुताबिक दोपहर 2:30 बजे ब्रेंट क्रूड 4.35 डॉलर प्रति बैरल यानी 4.98 प्रतिशत टूट कर 82.98 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने आज 3.95 डॉलर प्रति बैरल लुढ़क कर 80.93 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही यह फिसल कर 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से भी नीचे फिसल कर 79.76 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2:30 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 4.59 डॉलर प्रति बैरल यानी 5.41 प्रतिशत टूट कर 80.29 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।




